देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सद्गुरु महर्षि सदाफल देव जी महाराज के चरणों में नमन कर आत्मज्ञान, साधना और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का लिया संकल्प
रिपोर्ट: विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व पर स्वर्वेद महामंदिर धाम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना रहा। प्रातःकाल से लेकर सायंकाल तक देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचे और गुरुचरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित कर गुरु-वंदना, ध्यान-साधना एवं दर्शन के माध्यम से गुरुपूर्णिमा महोत्सव को अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया।
विश्व के सबसे विशाल ध्यान केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित स्वर्वेद महामंदिर धाम में श्रद्धालुओं ने विहंगम योग के प्रणेता सद्गुरु महर्षि सदाफल देव जी महाराज की दिव्य प्रतिमा के समक्ष नमन कर उनके बताए आत्मज्ञान, ध्यान और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। ध्यान-साधना के दौरान श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक शांति और आत्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
पूरे दिन धाम का वातावरण भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों के साथ गुरुपूर्णिमा महोत्सव में शामिल हुए और गुरु परंपरा के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की। दर्शन और ध्यान-साधना के लिए श्रद्धालुओं की सुव्यवस्थित कतारें दिनभर लगी रहीं।
गुरुपूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु को जीवन का मार्गदर्शक एवं आत्मज्ञान का प्रकाशस्तंभ बताते हुए उनके बताए साधना-पथ पर चलने का संकल्प दोहराया। दिनभर गुरु-वंदना, ध्यान, आध्यात्मिक चिंतन और साधना का क्रम चलता रहा, जिससे पूरा स्वर्वेद महामंदिर धाम भक्ति, शांति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर दिखाई दिया।





