सीर गोवर्धनपुर से सामाजिक समरसता का दिया संदेश, संत रविदास के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान; 20 फरवरी 2027 तक देशभर में चलेंगे विविध कार्यक्रम
रिपोर्ट: विवेक राय
वाराणसी। संत शिरोमणि सद्गुरु संत श्री रविदास महाराज के 650वें प्रकाश वर्ष के पावन अवसर पर बुधवार को काशी के सीर गोवर्धनपुर स्थित श्री गुरु रविदास जन्मस्थली मंदिर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रव्यापी ‘समरस संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया तथा संत रविदास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके समता, समानता और मानवता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास ने जाति-पांति और ऊंच-नीच से मुक्त समतामूलक समाज की कल्पना की थी। उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं उसी सोच को साकार करने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से देश के 81 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो सामाजिक समानता और जनकल्याण का सशक्त उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर ही बना रहेगा। प्रदेश सरकार संत रविदास, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित सभी महापुरुषों की विरासत के संरक्षण एवं सम्मान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सामाजिक समरसता को विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बताते हुए नई पीढ़ी को संत रविदास के विचारों से जोड़ने का आह्वान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संत रविदास के प्रसिद्ध भजन “प्रभुजी तुम चंदन, मैं पानी” का भावपूर्ण गायन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग, दुष्यंत गौतम तथा अन्य वक्ताओं ने संत रविदास के विचारों को सामाजिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का आधार बताया।
भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक देशभर में कलश वंदन, संत संपर्क, समरसता यात्रा, युवा संवाद एवं दीपोत्सव जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है।
इस अवसर पर डेरा सच्चा पंथ के प्रमुख संत निरंजन दास महाराज, अनेक संत-महात्मा, केंद्रीय एवं प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि तथा हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान “जाति-पाति का भेद मिटाओ, संत रविदास का संदेश अपनाओ” और “संत रविदास का पावन धाम, एकता-समरसता बनी पहचान” जैसे उद्घोषों से पूरा परिसर गूंजता रहा। यह भव्य आयोजन संत रविदास के समरस समाज के संदेश को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊर्जा प्रदान करने वाला ऐतिहासिक अवसर सिद्ध हुआ।




