गंगा-गोमती के बढ़ते जलस्तर से अजगरा में बाढ़ का संकट, विधायक त्रिभुवन राम ने किया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। अजगरा विधानसभा क्षेत्र में गंगा और गोमती नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के ऊपर पहुंचने के साथ ही गोमती नदी में पलट प्रवाह का असर भी तटवर्ती गांवों में दिखाई देने लगा है। इससे ग्रामीणों और किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए अजगरा विधायक त्रिभुवन राम ने अधिकारियों और राजस्व टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। विधायक ने नाव से संकुलपुर, चंद्रावती, रामपुर, ढाखवा, कैथी, राजवाड़ी, टैकोरी, लक्ष्मीसेनपुर, भगवानपुर, धौरहरा, हरिहरपुर, पिपरी और राजला समेत गंगा-गोमती के तटवर्ती इलाकों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने बाढ़ से प्रभावित गांवों की स्थिति के साथ किसानों की फसलों को हुए नुकसान का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में फसलों और अन्य नुकसान का सर्वे कराया जाए तथा पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।
विधायक ने राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, बच्चों के लिए दूध और पशुओं के लिए चारे सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने को कहा।
विधायक त्रिभुवन राम ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित इलाकों की स्थिति की नियमित रिपोर्ट ली जा रही है और शासन स्तर से उपलब्ध कराई जाने वाली हर संभव सहायता जरूरतमंद लोगों तक तत्काल पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें कैंप कर रही हैं। जहरीले जीव-जंतुओं के काटने की स्थिति में तत्काल उपचार के लिए एंटी-वेनम सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
चंद्रावती और रामपुर गांव में कुछ कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलने पर प्रभावित महिलाओं ने विधायक से मुआवजे की मांग की। विधायक ने मौके पर लेखपाल को बुलाकर क्षतिग्रस्त मकानों का तत्काल आकलन कराने और इसकी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि नियमानुसार उन्हें समुचित मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिला उपाध्यक्ष वीरू सिंह, मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, प्रधान संघ अध्यक्ष चोलापुर रामसूरत यादव, जिला पंचायत सदस्य अंजनी नंदन पांडेय सहित राजस्व, स्वास्थ्य एवं विकास विभाग के अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




