पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने नमो घाट से पुराने पुल तक लिया जायजा, 15 से अधिक राहत केंद्रों में 1600 से ज्यादा लोग रह रहे
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। गंगा के बढ़ते जलस्तर और वरुणा नदी में तेज पलट प्रवाह के बीच वाराणसी में पुलिस-प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। गुरुवार को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार ने नमो घाट से पुराने पुल (सारनाथ) तक मोटर बोट से भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने जलस्तर, प्रभावित इलाकों और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों और बाढ़ राहत केंद्रों में जाने की अपील की। जर्जर भवनों में रह रहे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने जल पुलिस, एनडीआरएफ एवं पीएसी फ्लड कंपनी को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा स्थानीय लोगों को बाढ़ से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित टीमों को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया।
इसके बाद अधिकारियों ने नवोदय विद्यालय दनियालपुर तथा चित्रकूट कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज, तपोवन आश्रम, नक्खीघाट स्थित बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया। शिविरों में रह रहे लोगों से भोजन, पेयजल, आवास, सुरक्षा और बच्चों की पढ़ाई की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई।
प्रशासन के अनुसार वाराणसी में वर्तमान में 15 से अधिक बाढ़ राहत केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 1600 से अधिक लोग रह रहे हैं। राहत केंद्रों में भोजन, पेयजल, आवास और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने का कार्य लगातार जारी है।
पुलिस-प्रशासन ने नागरिकों से बढ़ते जलस्तर और वरुणा नदी के तेज पलट प्रवाह को देखते हुए नदी में तैराकी, स्टंटबाजी अथवा किसी भी तरह की लापरवाही न करने की अपील की। अधिकारियों ने बच्चों को नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखने तथा अनावश्यक आवागमन से बचने की सलाह दी।
प्रशासन ने आमजन से अपील की कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस-प्रशासन को सूचना दें। साथ ही प्रशासन एवं पुलिस की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन लिपि नागयाच सहित जल पुलिस, एनडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।




