50 मानकों में 22 पर वाराणसी बना नंबर-1, डायल-112 की प्रतिक्रिया दर समेत कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन
वाराणसी। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की अगस्त 2026 की रैंकिंग में पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। कुल 50 मानकों के आधार पर तैयार की गई रैंकिंग में वाराणसी ने 22 मानकों में प्रदेश में प्रथम तथा छह मानकों में टॉप-5 में जगह बनाई है।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की साप्ताहिक समीक्षा, निरंतर निगरानी और अधिकारियों के स्तर पर की जा रही प्रभावी मॉनिटरिंग को इस उपलब्धि की प्रमुख वजह माना जा रहा है। विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार और लंबित मामलों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।
रैंकिंग में महिला अपराध, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम, गोवध निवारण, आबकारी, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, अग्नि सुरक्षा अनापत्ति, नागरिक सेवाएं तथा डायल-112 समेत विभिन्न मानकों पर वाराणसी ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। डायल-112 में जिले का औसत प्रतिक्रिया समय 4.90 मिनट दर्ज किया गया।
इसके अलावा पॉक्सो एक्ट के मामलों में वाराणसी को प्रदेश में दूसरा और जघन्य अपराधों के निस्तारण में चौथा स्थान मिला। काशी, वरुणा और गोमती जोन में पुलिस टीमों द्वारा 93.71 प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण जांच का निस्तारण किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
70वें स्थान से टॉप-5 तक पहुंचा वाराणसी
वाराणसी पुलिस की वर्तमान उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वर्ष 2023-24 में जिले की रैंकिंग 70वें स्थान पर थी और वह प्रदेश के अंतिम 10 जिलों में शामिल था। इसके बाद लगातार समीक्षा, निगरानी और कार्यप्रणाली में सुधार के परिणामस्वरूप वाराणसी की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ और अब कमिश्नरेट प्रदेश के शीर्ष पांच में शामिल हो गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराध नियंत्रण, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया, गुणवत्तापूर्ण विवेचना और नागरिक सेवाओं में सुधार की दिशा में लगातार किए जा रहे प्रयासों का असर मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग में दिखाई दे रहा है।




