आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था ने बच्चों को दिलाई बाल विवाह रोकने की शपथ, हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
रिपोर्ट : विवेक राय
वाराणसी। विकासखंड चिरईगांव के गौरा कला स्थित महात्मा बुद्ध शिक्षण संस्थान में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बच्चों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया गया।
संस्था ने ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र का यह निर्णय बाल विवाह के खिलाफ लंबे समय से चलाए जा रहे वैश्विक और जमीनी प्रयासों को महत्वपूर्ण मान्यता प्रदान करता है। संस्था जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के सहयोगी संगठन के रूप में बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था के निदेशक संतोष कुमार पाण्डेय ने कहा कि भारत से उठी बाल विवाह के खिलाफ आवाज अब वैश्विक संकल्प का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश के लिए गौरव की बात है कि बाल विवाह के खिलाफ चल रहे प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि 26 नवंबर 2024 को भारत सरकार ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन सहित विभिन्न नागरिक समाज संगठनों के सहयोग से ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की थी। अब संयुक्त राष्ट्र की पहल के बाद इस अभियान को और व्यापक बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल घोषणा और उत्सव पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को बाल विवाह से मुक्त सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है।
संतोष कुमार पाण्डेय ने बताया कि वाराणसी में संस्था ने सरकार एवं प्रशासन के सहयोग तथा कानूनी हस्तक्षेप के माध्यम से अब तक 115 बाल विवाह रुकवाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर समय रहते हस्तक्षेप करना बेहद जरूरी है, ताकि बच्चों के अधिकार और भविष्य की रक्षा की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं एवं बच्चों को विभिन्न आपातकालीन एवं सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी क्षेत्र में बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तत्काल 112 आपातकालीन सहायता, 1090 महिला हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तथा 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है। इसके साथ ही नजदीकी थाने में भी सूचना देकर बाल विवाह को रोका जा सकता है।
संस्था के पदाधिकारियों ने बच्चों से अपील की कि यदि उनके आसपास कम उम्र में विवाह कराने की तैयारी हो रही हो तो वे चुप न रहें और तत्काल संबंधित हेल्पलाइन अथवा पुलिस को सूचना दें। जागरूकता के माध्यम से ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य विंध्येश तिवारी, प्रबंधक लक्ष्मी प्रिया, सहायक अध्यापक राज नारायण, हीरालाल, रोहित आनंद, ऋतिक आनंद, मोहित आनंद, राजकुमार, अमरदीप, पवन कुमार, ममता यादव, श्वेता चौरसिया, रोशनी कनौजिया सहित विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।




