जिलाधिकारी शैलेष कुमार और एसपी अभिनव त्यागी ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, नकल रोकने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और परीक्षार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
भदोही। प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार में संबंधित अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, पुलिस बल की तैनाती, यातायात प्रबंधन और परीक्षार्थियों की सुविधाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी कर ली जाएं, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पीईटी-2026 की परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। जनपद में कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बूनमैक्स कॉन्वेंट स्कूल, गुलाब धर मिश्र इंटर कॉलेज, काशीनरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ब्लॉक-ए और ब्लॉक-बी, मदर हलीमा पब्लिक स्कूल, पीएम श्री विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज, श्री इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज, सेंट थॉमस स्कूल गोपीगंज, सेंट थॉमस स्कूल ज्ञानपुर, जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज गोपीगंज, जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज ज्ञानपुर, श्री काशीराज महाविद्यालय इंटर कॉलेज और टेंडर हार्ट्स इंग्लिश स्कूल शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक खबरों, अफवाहों और गलत सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखते हुए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करने वाले व्यक्तियों और गिरोहों को चिह्नित कर नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। नकल, अनुचित साधनों के इस्तेमाल अथवा प्रश्नपत्रों के प्रतिरूपण से संबंधित किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाए। आवश्यकतानुसार प्राथमिकी दर्ज कराकर संबंधित क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी के माध्यम से विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने संबंधित थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल में से एक अधिकारी को केंद्र प्रभारी नामित किया जाए, जो नोडल प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग और आयोग के कमांड कंट्रोल रूम के बीच समन्वय बनाए रखे। परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट एवं एआई चश्मे, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य प्रतिबंधित सामग्री की सघन जांच की जाए। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
बैठक में परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख मार्गों और परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त पुलिस व्यवस्था, हेल्पडेस्क तथा भीड़ नियंत्रण के इंतजाम किए जाएंगे। महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और आवश्यकता के अनुसार परीक्षार्थियों एवं उनके परिजनों के लिए होल्डिंग एरिया विकसित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परीक्षा के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें और किसी भी समस्या की सूचना मिलने पर तत्काल उसका समाधान करें।
परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री की सुरक्षा और सुरक्षित परिवहन को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। जनपद कोषागार के डबल लॉक में परीक्षा सामग्री के सुरक्षित रखरखाव, पर्याप्त स्थान, सुरक्षा प्रबंध और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। परीक्षा के दिन सामग्री को निर्धारित गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने तथा परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से वापस लाई गई सामग्री के उचित संग्रहण और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आयोग मुख्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था करने पर बल दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, वरिष्ठ कोषाधिकारी बृजेश सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा आपसी समन्वय के साथ तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को सुरक्षित, व्यवस्थित, पारदर्शी और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराना है।






