रामनगर में 29 मोहर्रम पर अकीदतमंदों ने निकाला श्रद्धा और अकीदत का जुलूस, मजलिस में कर्बला की शहादत का हुआ मार्मिक बयान
रिपोर्ट: विवेक राय
SHREE 7NEWS | रामनगर (वाराणसी)। 29 मोहर्रम के अवसर पर रामनगर के गोलाघाट स्थित मकतबे इमामिया में बुधवार देर रात एक भव्य मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस के उपरांत अकीदतमंदों ने हज़रत मासूम अली असगर (अ.स.) के गहवारे (झूले) का पारंपरिक जुलूस मशालों की रौशनी के बीच निकाला। पूरे वातावरण में मातमी नौहों की गूंज और सीनाजनी के साथ कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना ग़ुलाम रसूल नूरी (कश्मीर) ने कर्बला की दर्दनाक घटना और हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) तथा उनके साथियों की शहादत का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके संबोधन को सुनकर उपस्थित अकीदतमंद भावुक हो उठे और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ तसनीम आब्दी ने पवित्र कुरआन की तिलावत से किया, जबकि बाक़र आब्दी ने सोजख्वानी प्रस्तुत की। इसके बाद राशिद आब्दी, यूसुफ़ रिजवी (रईस) और तसनीम आब्दी ने अपने मार्मिक कलाम पेश कर माहौल को गमगीन बना दिया।
इससे पूर्व अल असगर ग्रुप के सदस्यों ने मासूम अली असगर के गहवारे को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया। देर रात निकला शबीहे-झूला जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ मरहूम विलायत हुसैन के इमामबाड़े पहुंचकर संपन्न हुआ। समापन अवसर पर मौलाना गुलफाम हुसैन रिजवी ने अलविदाई तकरीर पेश की।
जुलूस एवं मजलिस में मौलाना सैय्यद फरमान रज़ा, इनाम रज़ा, मोहम्मद मेहंदी, समर अब्बास, मुन्ना मिर्जा, सैय्यद अख्तर रज़ा आब्दी, राशीद आब्दी, सैफ रज़ा, यूसुफ़ रिजवी (रईस), मिर्जा मुशीर हसन, आज़म रिज़वी, मोहम्मद आसिफ (मलिक), नकी हसन (विक्की), एस. हसन फ़ातमी (शुजा), कुमैल, सरफराज अली, बाक़र आब्दी, अरमान, जेनीश, साहा, बशर, जिम्मी, सुहैल हसन, अरशद हुसैन, समीर, ऋषभ सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन नदीम आब्दी ने किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन और मातमी परंपराओं का अनुपम संगम देखने को मिला।




