प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचीं मातमी अंजुमनों ने कर्बला के शहीदों को पेश किया नज़राना-ए-अकीदत, मजलिस में इमाम हुसैन की कुर्बानी पर डाला गया प्रकाश
रिपोर्ट : विवेक राय
SHREE 7NEWS | वाराणसी, फतुहा (प्रयागराज)। मोहर्रम की 29वीं तारीख़ पर प्रयागराज के हनुमानगंज क्षेत्र स्थित फतुहा गांव में बुधवार देर रात अंजुमन इमामिया फतुहा की ओर से भव्य शब्बेदारी का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई पांच मातमी अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाज़नी कर कर्बला के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत अबू सिबतैन आब्दी एवं उनके हमनवां की सोज़ख्वानी से हुई। इसके बाद ज़मीर भोपतपुरी और बाक़र रज़ा बनारसी ने पेशख्वानी कर माहौल को गमगीन बना दिया।
मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद इंतज़ार आब्दी (इलाहाबाद) ने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 71 साथियों की शहादत मानवता, इंसाफ और सत्य की सबसे बड़ी मिसाल है। उन्होंने कहा कि 1400 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मोहर्रम का महीना आते ही हर धर्म और समुदाय के लोग कर्बला की कुर्बानी को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं। आज इंसानियत और इस्लाम की पहचान अहलेबैत की इन्हीं महान कुर्बानियों की देन है।
मजलिस के उपरांत हज़रत इमाम सज्जाद (अ.स.) के शबीहे ताबूत, अलम और जुल्जनाह का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान मातमी अंजुमनों ने दर्दभरे नौहे पढ़े और सीनाज़नी कर कर्बला के शहीदों को नज़राना-ए-अकीदत पेश किया।
शब्बेदारी में अंजुमन कारवाने कर्बला (बनारस), अंजुमन असगरिया कदीम (मंझनपुर, कौशांबी), अंजुमन सज्जादिया रजि. (मुफ्ती मोहल्ला, जौनपुर), अंजुमन शब्बीरिया (जोडूपुर, सुल्तानपुर) तथा स्थानीय अंजुमन इमामिया फतुहा ने प्रभावशाली नौहाख्वानी और मातम प्रस्तुत किया। इस दौरान विशेष नौहाख्वान रेहान जलालपुरी की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम के समापन पर ख़तीबे अहलेबैत सैय्यद मोहम्मद नक़वी ने अलविदाई मजलिस को संबोधित करते हुए कर्बला के शहीदों एवं हज़रत इमाम सज्जाद (अ.स.) के मसाएब बयान किए, जिसे सुनकर मौजूद अज़ादार भावुक हो उठे।
कार्यक्रम का संचालन अनीस जाएसी ने किया। अंत में अंजुमन इमामिया फतुहा की ओर से शब्बेदारी में शामिल सभी अज़ादारों, अंजुमनों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।




