साक्ष्यों के अभाव में सीजेएम कोर्ट का फैसला, लंबे समय से चल रही सुनवाई का हुआ समापन
रिपोर्ट: अभिषेक उपाध्याय
SHREE 7NEWS, गाजीपुर। 36 वर्ष पुराने चर्चित देवकली पंप कैनाल लूट कांड में बुधवार को गाजीपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने पर उन्हें संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त घोषित किया।
यह मामला वर्ष 1990 के आसपास दर्ज किया गया था और इसकी सुनवाई लंबे समय से न्यायालय में चल रही थी। बुधवार को हुई अंतिम सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में सफल नहीं हो सका।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाना न्यायोचित है।
अपने समय में चर्चित रहे इस मामले में अदालत के फैसले के साथ ही करीब 36 वर्षों से लंबित न्यायिक प्रक्रिया का समापन हो गया। यह निर्णय गाजीपुर के बहुचर्चित मामलों में एक महत्वपूर्ण न्यायिक पड़ाव माना जा रहा है।




