चौबेपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छह आरोपी गिरफ्तार; संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच तेज
रिपोर्ट: विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। चौबेपुर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में म्यूल बैंक खातों के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय लेनदेन करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद खातों की नेट बैंकिंग आईडी, पासवर्ड, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और आधार कार्ड अपने कब्जे में लेकर संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के जरिए आर्थिक लाभ कमाया जाता था।
पुलिस उपायुक्त वरुणा के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में उपनिरीक्षक चन्द्रमोहन यादव और उनकी टीम म्यूल बैंक खातों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पहाड़ियां नरायनपुर निवासी दिवाकर से पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
दिवाकर ने पुलिस को बताया कि उमरहां निवासी कृष्णा पटेल उर्फ गांगुली पटेल ने उसे और अन्य लोगों को धन का लालच देकर बैंक खाते खुलवाए तथा उनसे जुड़े एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और नेट बैंकिंग की सभी जानकारियां अपने कब्जे में रख ली थीं।
पुलिस ने मामले से जुड़े सभी लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ के दौरान आरोपी एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे और आपस में विवाद करने लगे। जांच में म्यूल खातों के माध्यम से अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में दिवाकर, कृष्णा पटेल उर्फ गांगुली पटेल, सत्यम विश्वकर्मा, राकेश पटेल, किशन पांडेय और गोपी शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि म्यूल बैंक खातों के माध्यम से किए गए संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन के पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




