चोलापुर ब्लॉक संसाधन केंद्र में कृषि विभाग की कार्यशाला, मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत पोषण और स्वास्थ्य पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
रिपोर्ट विवेक राय
चोलापुर (वाराणसी)। उत्तर प्रदेश सरकार के मिलेट्स (श्रीअन्न) पुनरोद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) चोलापुर के सभागार में अध्यापकों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कृषि विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से नई पीढ़ी और अभिभावकों में श्रीअन्न के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा संतुलित एवं पौष्टिक आहार को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल के निर्देशन में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अग्रसेन पीजी कॉलेज की डॉ. रूचि त्रिपाठी एवं कृषि विज्ञान केंद्र की कृषि वैज्ञानिक डॉ. पूजा सिंह ने अध्यापकों को बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो, सावां सहित विभिन्न प्रकार के श्रीअन्न, उनके उत्पादन, पोषण मूल्य और दैनिक जीवन में उनकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर खंड तकनीकी प्रबंधक देवमणि त्रिपाठी ने कहा कि श्रीअन्न केवल पारंपरिक अनाज नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित पोषण का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है और इसमें शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
सहायक विकास अधिकारी केशव प्रसाद ने भी श्रीअन्न की कृषि, स्वास्थ्य, आर्थिक एवं पर्यावरणीय उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशिक्षित शिक्षक अब अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को श्रीअन्न अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और स्वस्थ समाज के निर्माण में सकारात्मक योगदान मिलेगा।




