पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर मनोहर लाल शेवरमानी समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग, एसीपी ने जांच का दिया आश्वासन
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। रोहनिया थाना क्षेत्र के शाहाबाद निवासी राजेंद्र प्रसाद सिंह ने पुलिस आयुक्त वाराणसी को शिकायती पत्र देकर अपनी पैतृक संपत्ति को कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने की साजिश का आरोप लगाया है। शिकायत में मनोहर लाल शेवरमानी, रीतिक शेवरमानी, रमेश चंद्र सिंह समेत अन्य लोगों के साथ नितेश राय का भी नाम लेते हुए निष्पक्ष जांच और मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी वैधानिक हिस्सेदारी से अधिक भूमि का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विक्रय दर्शाकर करोड़ों रुपये का आर्थिक लाभ लेने का प्रयास किया गया। शिकायती पत्र में विभिन्न आराजी नंबरों, हिस्सेदारी और पुराने बैनामों का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की गई है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 26 दिसंबर 2025 को मनोहर लाल शेवरमानी और रीतिक शेवरमानी के पक्ष में कराया गया पंजीकृत बैनामा वास्तविक अधिकारों के विपरीत है तथा इसमें कथित रूप से गलत तथ्यों का सहारा लिया गया। साथ ही रमेश चंद्र सिंह पर कथित रूप से बिचौलिए की भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में दावा किया है कि पूरे प्रकरण में नितेश राय की भूमिका संदिग्ध है। उनका आरोप है कि विवादित संपत्तियों के मामलों में प्रभावशाली लोगों के नाम का सहारा लेकर पीड़ितों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नितेश राय का नाम पूर्व में सामने आए एक अन्य संपत्ति विवाद में भी चर्चा में रहा था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
उपमुख्यमंत्री का नाम दुरुपयोग होने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने पत्र में उल्लेख किया है कि लखनऊ में मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कथित रूप से स्पष्ट किया कि यदि कोई उनके नाम का दुरुपयोग कर रहा है तो वह अनुचित है और उनका ऐसे लोगों से कोई संबंध नहीं है। इस कथन का भी उल्लेख शिकायत पत्र में किया गया है।
राजेंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार, उन्होंने 16 जनवरी 2026 को रोहनिया थाने तथा 23 जनवरी 2026 को पुलिस आयुक्त के जनशिकायत प्रकोष्ठ में भी शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि जांच के निर्देश मिलने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
एक बार फिर पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर शिकायत सौंपने पर संबंधित एसीपी ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र पर आधारित है। संबंधित पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या जांच का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।




