भाजपा नेता ने मड़ियाहूं से चुनाव लड़ने की जताई इच्छा, कहा— अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व का होगा
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। विधानसभा चुनाव-2027 की संभावित तैयारियों के बीच मड़ियाहूं विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भाजपा नेता एवं मल्हनी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मनोज कुमार सिंह ने मड़ियाहूं सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें अवसर देता है, तो वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ चुनाव लड़ेंगे और मड़ियाहूं को प्रदेश की अग्रणी विधानसभा बनाने का प्रयास करेंगे।
रविवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान मनोज सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के निर्देशों का सम्मान किया है और जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा से निभाया है। उन्होंने कहा कि मल्हनी विधानसभा उपचुनाव में भी पार्टी के आदेश पर चुनाव मैदान में उतरे थे और जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ था।
मनोज सिंह ने कहा कि बरसठी और मड़ियाहूं क्षेत्र से उनका राजनीतिक और सामाजिक संबंध वर्षों पुराना है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी बरसठी की ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं तथा वर्ष 2010 के ब्लॉक प्रमुख चुनाव में उन्होंने पूर्व विधायक स्वर्गीय पारसनाथ यादव की पत्नी को पराजित किया था। उन्होंने कहा कि पहले बरसठी और मड़ियाहूं एक ही विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा थे, इसलिए यह क्षेत्र उनके लिए नया नहीं है।
भाजपा नेता ने कहा कि यदि पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाती है तो केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ क्षेत्र के विकास को नई गति देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा मड़ियाहूं के साथ-साथ मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन करेगी।
मनोज सिंह ने कहा कि अब तक मड़ियाहूं से कई बाहरी प्रत्याशी चुनाव जीतते रहे हैं, लेकिन यदि पार्टी स्थानीय कार्यकर्ता को अवसर देती है तो इसका सकारात्मक परिणाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उनकी लगातार सक्रियता जनता और संगठन दोनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन का अंतिम निर्णय भाजपा का शीर्ष नेतृत्व करेगा और वे पार्टी के हर निर्णय का सम्मान करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मड़ियाहूं विधानसभा क्षेत्र में मनोज सिंह की बढ़ती सक्रियता को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है।







