आजाद पार्क में प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि, वक्ताओं ने युवाओं से राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना अपनाने का किया आह्वान
रिपोर्ट: विवेक राय
SHREE 7NEWS, रामेश्वर। महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती गुरुवार को रामेश्वर क्षेत्र के लोकापुर स्थित आजाद पार्क में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए तथा उपस्थित लोगों ने उनके त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति को स्मरण करते हुए देश की रक्षा और राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आजाद सेवा समिति के पदाधिकारी दिनेश दुबे ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उन्होंने बताया कि बचपन में अंग्रेजों द्वारा 15 कोड़ों की सजा दिए जाने के बाद आजाद ने संकल्प लिया था कि वे कभी भी अंग्रेजों के हाथ जीवित नहीं आएंगे। उन्होंने अपने इस संकल्प को 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस से घिर जाने के बाद स्वयं को गोली मारकर पूरा किया और मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
वक्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर देशहित में कार्य करने का संकल्प लेना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में समिति के सचिव गुलाब चंद दुबे, अरविंद दुबे, ओम प्रकाश दुबे, भानु, शुभम दुबे, अजय, पप्पू दुबे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




