बारिश में सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति व्यवस्था हुई ठप, बालूयुक्त हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर लोग; पाइपलाइन, टंकी और रखरखाव में अनियमितताओं का आरोप
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। विकास खंड चोलापुर के ग्राम सभा कौवापुर से कादीपुर स्टेशन तक प्रधानमंत्री हर घर जल योजना की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि पिछले कई सप्ताह से जलापूर्ति व्यवस्था चरमराई हुई है, जिसके कारण उन्हें शुद्ध पेयजल के स्थान पर हैंडपंपों से निकलने वाला बालूयुक्त एवं दूषित पानी पीने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति प्रणाली प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर रही है। धूप नहीं निकलने पर पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो जाती है। कई मोहल्लों में पानी पहुंच ही नहीं रहा, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यंत कम दबाव से जलापूर्ति हो रही है। इससे घरेलू कार्यों के साथ-साथ पेयजल की व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित जलापूर्ति परियोजना में कई आवश्यक कार्य अधूरे छोड़ दिए गए हैं। जल टंकी परिसर का समतलीकरण नहीं कराया गया, सुरक्षा के लिए बाउंड्री वाल का निर्माण नहीं हुआ तथा वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था के लिए ट्रांसफार्मर अथवा जनरेटर की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। परिणामस्वरूप मौसम खराब होते ही पूरी जलापूर्ति व्यवस्था ठप हो जाती है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कौवापुर से कादीपुर स्टेशन तक बिछाई गई पाइपलाइन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, जहां चार इंच व्यास की पाइपलाइन डाली जानी चाहिए थी, वहां लगभग ढाई इंच की पाइपलाइन बिछा दी गई। इसके अतिरिक्त ओवरब्रिज निर्माण के दौरान भारी वाहनों के आवागमन से कई स्थानों पर पाइपलाइन दब गई, जिससे जलापूर्ति और अधिक प्रभावित हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जल निगम के संबंधित ठेकेदार, विकास खंड अधिकारियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। शिकायतों के बावजूद जलापूर्ति व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि योजना की नियमित निगरानी नहीं की जा रही है। ऑपरेटर भी क्षेत्र का निरीक्षण कर जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति का आकलन नहीं करते, जिसके कारण छोटी-छोटी तकनीकी समस्याएं भी लंबे समय तक बनी रहती हैं और लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि हर घर जल योजना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाए तथा दोषी अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में नियमित, निर्बाध एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।




