चिकित्सा प्रतिपूर्ति में देरी पर जताया विरोध, आठवें वेतन आयोग समेत कई मांगों को लेकर संघर्ष का लिया संकल्प
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश, शाखा वाराणसी की मासिक बैठक रविवार को कचहरी स्थित कोषागार परिसर में आयोजित हुई। बैठक में नए सदस्यों का स्वागत करने के साथ सितंबर माह में जन्मदिन वाले सदस्यों को शुभकामनाएं दी गईं। इस दौरान पेंशनर्स की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय, वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा चिकित्सकों की समिति गठित कर उसे ऑनलाइन प्रेषित करने संबंधी आदेश का विरोध किया। सदस्यों का कहना था कि इस प्रक्रिया के कारण चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान में अनावश्यक विलंब हो रहा है। बैठक में उक्त व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
बैठक में शासन से मांग की गई कि आठवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का लाभ सभी पेंशनरों को दिया जाए। इसके अलावा कोरोना काल में रोके गए फ्रीज वेतन का भुगतान, 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन वृद्धि लागू करने की मांग भी उठाई गई।
पेंशनरों ने डिजिटल पहचान पत्र जारी करने, वैलिडेशन एक्ट-2025 वापस लेने तथा रेल यात्रा में पूर्व की भांति 50 प्रतिशत की छूट बहाल करने की मांग का भी समर्थन किया। साथ ही राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग पर भी सदस्यों ने सहमति जताई।
बैठक में संगठन की सदस्य संख्या बढ़ाने और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने प्रांतीय संगठन के निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार पेंशनरों की समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए जोरदार संघर्ष करने का संकल्प लिया।
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष राजेश्वर पाण्डेय ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री जयराज बहादुर सिंह ने किया। इस अवसर पर केआर शास्त्री, इं. आनंद लाल, संत लाल यादव, बंसीलाल जायसवाल, सुभाष सिंह, इं. सीबी सिंह, उमेश बहादुर सिंह, इं. संजय कुमार श्रीवास्तव, उर्मिला मौर्या, ज्योत्स्ना श्रीवास्तव, अब्दुल सलाम समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।




