राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत जिले में बीमाकरण शुरू, भूमिहीन, सीमांत किसानों और महिला पशुपालकों को प्राथमिकता
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत जिले में जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के तहत पशुओं का बीमाकरण शुरू हो गया है। जिले में 20 अगस्त से बीमाकरण कार्य किया जा रहा है। योजना के तहत पशुपालकों को बीमा प्रीमियम का केवल 15 प्रतिशत ही देना होगा, जबकि शेष 85 प्रतिशत राशि केंद्र और राज्य सरकार वहन करेगी।
योजना में केंद्र सरकार की ओर से 51 प्रतिशत और राज्य सरकार की ओर से 34 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा। हरहुआ ब्लॉक के गांवों में पहुंचकर पशुपालकों को योजना की जानकारी देने के साथ उन्हें पशुओं का बीमा कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
योजना के तहत स्वदेशी पशुओं के बीमाकरण को प्राथमिकता दी जाएगी। बीमा कराने के लिए पशुओं की टैगिंग और टीकाकरण अनिवार्य होगा। वहीं भूमिहीन, सीमांत एवं लघु किसान, बीपीएल परिवार, एससी-एसटी वर्ग तथा महिला पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
पशु की मृत्यु होने की स्थिति में पशुपालक को 24 घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी या बीमा प्रतिनिधि को सूचना देना अनिवार्य होगा।
पशु चिकित्सा अधिकारी हरहुआ डॉ. आशीष वर्मा ने पशुपालकों से अपील की है कि वे योजना का लाभ उठाते हुए अपने पशुधन का बीमाकरण अवश्य कराएं।




