सेहमलपुर मार्ग की बदहाली से ग्रामीण परेशान, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल; जांच और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट : विवेक राय
हरहुआ (वाराणसी)। स्थानीय विकासखंड के ग्राम सभा गोकुलपुर के राजस्व गांव सेहमलपुर में करीब एक माह पहले बनी पिच सड़क की हालत खराब होने लगी है। निर्माण के कुछ ही दिनों बाद सड़क की गिट्टियां उखड़ने लगीं और बारिश के बाद जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। गड्ढों में बरसाती पानी भरने से ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-31) से जियो पेट्रोल पंप के बगल से सेहमलपुर जाने वाला यह मार्ग जमालपुर, सेहमलपुर, सुरवा, बेरवा, भटौली, औसानपुर, करोमा और चक्का समेत कई गांवों को जोड़ता है। हाईवे से सड़क के जुड़ने वाले स्थान पर करीब 50 मीटर हिस्से में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश होने के बाद इनमें पानी भर जाने से राहगीरों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान बारिश के पानी की निकासी और उसके जमा होने वाले स्थानों का उचित ध्यान नहीं रखा गया। कई स्थानों पर सड़क का लेवल भी सही नहीं है। कहीं गिट्टियां उखड़ रही हैं तो कहीं सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। पानी से भरे गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण दोपहिया वाहन चालक कई बार गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
इसी मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे साइकिल और पैदल आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति से उन्हें भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को अभी एक माह भी ठीक से नहीं बीता और गिट्टियां उखड़ने लगी हैं। इससे सड़क की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा घटिया निर्माण को हटाकर सड़क का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की समस्या से राहत मिल सके।




