देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता के बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग को चुना, विदेश से पढ़ाई कर भारत के लिए काम करने का संकल्प
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। जिले के भतसार गांव निवासी आदित्य पांडेय ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW), सिडनी में बीटेक के लिए चयन हासिल किया है। आदित्य अब विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।
आदित्य ने भारत और विदेश की कई प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं में सफलता हासिल की। उन्हें देश के कई आईआईटी समेत विभिन्न प्रमुख संस्थानों में प्रवेश के अवसर मिले, लेकिन उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए यूएनएसडब्ल्यू सिडनी को प्राथमिकता दी। अपनी पसंदीदा शाखा और बेहतर शैक्षणिक अवसर को देखते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया जाने का निर्णय लिया।
आदित्य ने आईआईटी के अलावा सिडनी यूनिवर्सिटी, मेलबर्न यूनिवर्सिटी, कर्टिन यूनिवर्सिटी, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, बिट्स पिलानी, वीआईटी सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की। पढ़ाई के साथ-साथ वह कराटे, समस्या समाधान और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी रुचि रखते हैं। परिवार की जिम्मेदारियों को समझते हुए अनुशासित जीवनशैली अपनाना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
आदित्य ने कहा कि उनका उद्देश्य विदेश से उच्चस्तरीय शिक्षा और तकनीकी ज्ञान हासिल कर भविष्य में भारत के लिए उसका उपयोग करना है। उन्होंने बताया कि नियमित और सेल्फ-डिसिप्लिन वाले रूटीन का पालन करते हुए उन्होंने यूएनएसडब्ल्यू जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में प्रवेश हासिल किया।
आदित्य के अनुसार परीक्षा की तैयारी में व्यवस्थित नोट्स ने उनकी काफी मदद की। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान सीखी गई महत्वपूर्ण बातों के टू-द-प्वाइंट नोट्स तैयार करते हैं और उनका दो-तीन बार रिवीजन करते हैं। इससे विषय लंबे समय तक याद रहता है और परीक्षा के दौरान मानसिक दबाव कम महसूस होता है। उनका मानना है कि परीक्षा के समय मनोवैज्ञानिक दबाव के कारण विद्यार्थियों से गलतियां हो सकती हैं, लेकिन व्यवस्थित नोट्स और बार-बार रिवीजन से इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
आदित्य की सफलता पर उनके दादा परमानंद पांडेय ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बेटे ने परिवार का नाम रोशन किया है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि आदित्य भविष्य में बेहतर कार्य करते हुए देश और समाज के लिए योगदान दें।




