हवाई सर्वेक्षण के बाद राहत शिविर पहुंचे मुख्यमंत्री, 567 परिवारों के लिए 48 नावें तैनात; फसल नुकसान पर मुआवजे और बेघर परिवारों को आवास का आश्वासन
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद सलारपुर स्थित विद्याविहार इंटर कॉलेज में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और राहत सामग्री वितरित करते हुए संकट की घड़ी में सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
राहत सामग्री वितरण के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए “हर हर महादेव” का उद्घोष किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी इसी विद्यालय में राहत कार्यों का निरीक्षण कर प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री वितरित की गई थी। उन्होंने वरुणा नदी में बैकफ्लो के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या में कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मस्तिष्क ज्वर पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।
राहत किट में 26 जरूरी सामान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों को दूध, फल, अनाज, बाल्टी, मग, बिस्किट, नमक, तौलिया और तेल सहित 26 आवश्यक वस्तुओं वाली राहत किट उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ता युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ से जिन किसानों की फसल प्रभावित हुई है, उन्हें मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मकान गिरने, आकाशीय बिजली और सर्पदंश जैसी घटनाओं को आपदा की श्रेणी में शामिल करते हुए पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता देने की व्यवस्था की गई है। बेघर हुए परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
567 परिवार प्रभावित, 48 नावें लगाई गईं
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में वाराणसी के 16 वार्डों के 567 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 48 नावें लगाई गई हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद व्यापक स्तर पर छिड़काव कराया जाएगा, जिससे संक्रमण और बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने काशी के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम, भव्य घाट, आधुनिक रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट, सड़क चौड़ीकरण और रिंग रोड जैसी परियोजनाओं से काशी ने नया स्वरूप हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास के साथ-साथ आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाना भी है।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी जग्गू राम मौर्य की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने राहत शिविर की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और वहां मौजूद बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी ली।
कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर राहत और सहायता उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है।
इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक त्रिभुवन राम, जिलाध्यक्ष रामशकल पटेल, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सीडीओ प्रखर कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




