27 नवंबर को होगा पांचवां सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह, शरद पूर्णिमा पर एसडीएम सेवा ट्रस्ट ने की पहल
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। सामाजिक समरसता और सेवा भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एसडीएम सेवा ट्रस्ट की ओर से शरद पूर्णिमा के अवसर पर नौ नवयुगल जोड़ों को विवाह सामग्री वितरित की गई। गंगा-गोमती के पावन संगम तट पर स्थित प्रसिद्ध मार्कण्डेय महादेव धाम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान आगामी 27 नवंबर 2026 को होने वाले पांचवें सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने वाले सभी नौ जोड़ों को शेरवानी, लहंगा सहित विवाह से संबंधित आवश्यक सामग्री प्रदान की गई।
ट्रस्ट की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विवाह योग्य युवक-युवतियों को सहयोग देना और समाज में समानता, भाईचारे तथा सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करना है।
एसडीएम सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह जरूरतमंद परिवारों के लिए सहयोग का माध्यम बन रहा है। विवाह सामग्री वितरण के माध्यम से ट्रस्ट ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर आर्थिक कठिनाइयां किसी परिवार के लिए बाधा नहीं बननी चाहिए।
आयोजकों ने बताया कि 27 नवंबर को आयोजित होने वाला पांचवां सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और मानवीय संवेदना को समर्पित होगा। इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न जातियों के लोगों को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में आयोजक उमेश गिरी महाराज, संरक्षक विनोद नाथ यति, संयोजक पंकज गिरी, अध्यक्ष गौरव गिरी एडवोकेट, रवि प्रताप सिंह, साजन एमएलसी प्रतिनिधि, अन्नपूर्णा बृजेश सिंह, उपाध्यक्ष पांचू यादव और कोषाध्यक्ष अरविंद यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा स्वराज यादव, अखिलेश यादव, कृष्णा विश्वकर्मा, चंदन यादव, आकाश गिरी, गोलू, विराट गिरी, सूरज गिरी और सुजीत गिरी समेत अन्य लोगों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सभी नौ नवयुगल जोड़ों को विवाह की शुभकामनाएं दीं और उनके सुखमय, समृद्ध एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की।
एसडीएम सेवा ट्रस्ट की यह पहल सामाजिक सेवा और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के साथ-साथ सर्वजातीय एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आयोजकों को उम्मीद है कि आगामी 27 नवंबर को होने वाला सामूहिक विवाह समारोह समाज में भाईचारे, सहयोग और समानता का सकारात्मक संदेश देगा।




