सब हेडिंग: मतगणना पर्यवेक्षक को हटाने की मांग पर पहड़िया मंडी के बाहर हंगामा, चौथे राउंड में सपा प्रत्याशी 7,195 मतों से आगे; अंतिम परिणाम घोषित होने तक मतगणना रही बाधित
रिपोर्ट: विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। स्नातक एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान बुधवार शाम पहड़िया मंडी के बाहर उस समय हंगामा शुरू हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी केदारनाथ सिंह और रोहनिया के पूर्व विधायक एसएन सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने मतगणना पर्यवेक्षक को हटाने की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पर्यवेक्षक प्रांजल यादव के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस द्वारा रोके जाने पर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर मतगणना स्थल के अंदर प्रवेश किया और विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
मौके पर भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी और नीलकंठ तिवारी सहित अन्य नेता मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। जानकारी के अनुसार, मतगणना के चौथे राउंड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा को 22,599 मत मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 15,404 मत प्राप्त हुए थे।
इस प्रकार आशुतोष सिन्हा 7,195 मतों से आगे चल रहे थे। इसी बीच भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू कर दिया, जिसके बाद मतगणना प्रक्रिया रोक दी गई। इस घटनाक्रम के संबंध में जिलाधिकारी वाराणसी की ओर से बताया गया कि पुलिस उपायुक्त, वरुणा जोन/चुनाव कमिश्नरेट वाराणसी ने अवगत कराया कि मतगणना स्थल पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी द्वारा एक मतगणना अभिकर्ता से पहचान पत्र मांगे जाने पर आपसी कहासुनी हुई, जिससे उनके समर्थक आक्रोशित हो गए।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सभी पक्षों को नियमों और वस्तुस्थिति से अवगत कराया, जिसके बाद मामला शांत करा दिया गया। प्रशासन के अनुसार, केवल वैध पहचान पत्र वाले मतगणना अभिकर्ताओं को ही मतगणना स्थल में प्रवेश की अनुमति दी जा रही थी। समाचार लिखे जाने तक चुनाव का अंतिम परिणाम घोषित नहीं हुआ था।




