राजा दशरथ के यहां चार पुत्रों के जन्म का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, भजन गायिका संगीता देवी की प्रस्तुतियों पर झूमे श्रोता
रिपोर्ट विवेक राय
चोलापुर (वाराणसी)। गोला स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित रामकथा के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा व्यास बालक दास योगाचार्य ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए अयोध्या नगरी की महिमा और राजा दशरथ के पुत्र प्राप्ति के लिए किए गए यज्ञ का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शास्त्रों में अयोध्या को सर्वोत्तम नगर बताया गया है।
कथा के दौरान गुरु वशिष्ठ की पत्नी अरुंधती द्वारा राजा दशरथ को पुत्र प्राप्ति के लिए प्रेरित करने का प्रसंग सुनाया गया। इसके बाद गुरु वशिष्ठ के मार्गदर्शन में श्रृंगी ऋषि को बुलाकर पुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न कराने की कथा का रोचक वर्णन किया। यज्ञ के प्रभाव से राजा दशरथ के यहां चार पुत्रों का जन्म हुआ। भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग आते ही कथा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष और बधाई गीतों से गूंज उठा। इस दौरान पारंपरिक सोहर गीतों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वहीं, भजन गायिका संगीता देवी के भक्ति गीतों पर श्रोता झूमते नजर आए। कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजन समिति के संरक्षक देवेंद्र नाथ सिंह टाइगर ने सपत्नीक पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर किया।
इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य राम प्यारे सिंह, डॉ. हरिहर सिंह, विनोद सिंह बिहार, विनोद सिंह इमलिया, विनोद सिंह डोभी, चंद्रभान सिंह, त्रिभुवन चौबे, शमशेर सिंह, जितेंद्र सिंह, जवाहर शर्मा, बालाजी राय, विधायक अजगरा के भाई सुमंत, दिनकर मिश्रा, डॉ. वीरेंद्र सिंह, भारत जायसवाल, महेंद्र नारायण सिंह, विनोद पटेल, राजेश सिंह, रामपति सिंह, अनिल सेठ और उदय नारायण तिवारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष शिवशंकर सिंह बच्चा एवं विजय सिंह ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में भगवान की आरती और प्रसाद वितरण के साथ पांचवें दिन की कथा का समापन हुआ।




