जन्मस्थली भदैनी में आयोजित हुआ ‘एक शाम वीरांगना के नाम’ कार्यक्रम
वाराणसी। भदैनी स्थित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जन्मस्थली पर रविवार की शाम “एक शाम वीरांगना के नाम” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय घाट वॉक विश्वविद्यालय एवं जागृति फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन और बलिदान को नृत्य-नाटिका के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बीएचयू के प्रो. शिव प्रकाश शुक्ला, विशिष्ट अतिथि विंध्याचल यादव, बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री सूबेदार सिंह, यतींद्रनाथ चतुर्वेदी, रमेश चंद्र पांडेय, घाट वॉक विश्वविद्यालय के संयोजक प्रो. विजयनाथ मिश्रा एवं जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामवश मिश्र द्वारा महारानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
समारोह के दौरान ख्यातिलब्ध कलाकार अष्टभुजा मिश्र एवं भूमिका भार्गव ने “हर बोलो से हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी” गीत पर नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। रानी लक्ष्मीबाई की जन्मस्थली और उनके जीवन संघर्ष को दर्शाती इस प्रस्तुति ने दर्शकों को देशभक्ति के भाव से ओतप्रोत कर दिया। कलाकारों ने महारानी के साहस, त्याग और शौर्य का जीवंत चित्रण किया।
इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. शिव प्रकाश शुक्ला ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म भदैनी में ही हुआ था। उन्होंने कहा कि इस जन्मस्थली का निर्माण इतिहासकारों, ऐतिहासिक ग्रंथों और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रमाणों के आधार पर किया गया है। महारानी लक्ष्मीबाई का स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान रहा, जिनके बलिदान से अंग्रेजों के मन में भय समा गया।
विशिष्ट अतिथि विंध्याचल यादव एवं सूबेदार सिंह ने कहा कि काशी के भदैनी में जन्म लेकर महारानी लक्ष्मीबाई ने देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिस पर पूरे देश को गर्व है।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्रो. विजयनाथ मिश्रा ने किया, संचालन रामयश मिश्र ने तथा धन्यवाद ज्ञापन शैलेश त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर महारानी लक्ष्मीबाई की स्मृति में कंबल का वितरण भी किया गया।
समारोह में प्रभुनाथ त्रिपाठी, विश्वनाथ यादव, छेदी, कृष्णकांत द्विवेदी, गोपाल मिश्रा, प्रमोद पांडेय, डॉ. जयप्रकाश मिश्रा, राजीव पांडेय, रामा पांडेय, अरविंद पटेल, मनीष खत्री सहित सैकड़ों की संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।




