मिथिला ज्ञान-विज्ञान का प्राचीन केंद्र, विद्यापति की रचनाएं कालजयी : दयाशंकर मिश्र ‘दयालु गुरु’
वाराणसी। मैथिल समाज उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित 15वां महाकवि विद्यापति महोत्सव नागरीप्रचारिणी सभा में धूमधाम से संपन्न हुआ। महोत्सव के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष, औषधि प्रसाधन एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु गुरु’ ने महाकवि विद्यापति के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके पश्चात संस्था के अध्यक्ष निरसन कुमार झा (एडवोकेट) ने मुख्य अतिथि को महाकवि विद्यापति का चित्र, पाग, दुपट्टा एवं माला पहनाकर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु गुरु’ ने अपने संबोधन में कहा कि मिथिला प्राचीन काल से ही ज्ञान-विज्ञान का प्रमुख केंद्र रही है। गौतम ऋषि, याज्ञवल्क्य, महान अर्थशास्त्री चाणक्य तथा दार्शनिक मंडन मिश्र जैसे विद्वानों की कर्मभूमि मिथिला रही है, जिन्होंने अपने ज्ञान से पूरे भारत को गौरवान्वित किया। उन्होंने कहा कि महाकवि विद्यापति विलक्षण प्रतिभा के धनी कवि थे, जिनकी रचनाएं कर्मकांड, धर्म, दर्शन, न्याय, सौंदर्यशास्त्र, भक्ति और विरह-व्यथा जैसे अनेक विषयों को समेटे हुए हैं।
शिक्षाविद पं. शिधानंद पाठक ने कहा कि कवि कोकिल विद्यापति भगवान शिव के अनन्य भक्त थे और उनकी भक्ति भावना उनकी रचनाओं में स्पष्ट झलकती है। उन्होंने बताया कि विद्यापति पदावली, मणि मांजरी, भूपरिक्रमा, कीर्तिलता एवं कीर्तिपताका उनकी प्रमुख कृतियां हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक पं. डॉ. विजय कपूर द्वारा विद्यापति रचित “जय जय भैरवी असुर भयावनी, इहेन सुंदर मिथिला धाम” की प्रस्तुति से हुआ। मुजफ्फरपुर (बिहार) से आए सुशील साहिल ने भी अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आईआरएसएस मुकेश झा, प्रो. आर.आर. झा, प्रो. जयशंकर झा, डॉ. प्रभात मिश्र, डॉ. मिनाक्षी झा एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रमानंद मिश्र उपस्थित रहे।
समारोह का संचालन गौतम कुमार झा (एडवोकेट) ने किया। स्वागत भाषण संस्था के अध्यक्ष निरसन कुमार झा (एडवोकेट) तथा धन्यवाद ज्ञापन संस्था के सचिव दास पुष्कर ने किया।
महोत्सव में सुधीर चौधरी, राकेश कुमार, राहुल मनहर, सुनीता दास, सुधीर झा, हरिमोहन पाठक, सुभाष शर्मा, नंद कुमार सिंह, ओम नारायण ठाकुर सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




