तहसीलदार के आदेश पर कार्रवाई, ग्रामीणों ने लेखपाल पर मनमानी का लगाया आरोप
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी (चौबेपुर)। क्षेत्र के भभियार डंगरूपुर ग्रामसभा में सरकारी चकरोड पर हुए अतिक्रमण को प्रशासन ने मंगलवार को हटवा दिया। तहसीलदार सदर के आदेश पर चौबेपुर पुलिस और पीएसी बल की मौजूदगी में जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। कार्रवाई तहसीलदार सदर संत विजय सिंह और नायब तहसीलदार जाल्हूपुर शैलेश सिंह के नेतृत्व में की गई।
प्रशासन के अनुसार गांव निवासी रघुनाथ यादव द्वारा चकरोड पर कब्जा किया गया था, जिस पर न्यायालय से बेदखली का आदेश पारित था। पिछले माह नोटिस देने गए क्षेत्रीय लेखपाल सतीश यादव पर कथित हमले और सरकारी दस्तावेज फाड़ने की घटना के बाद मामला दर्ज कराया गया था। इसी क्रम में मंगलवार को मौके पर कार्रवाई की गई।
हालांकि कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल ने आपसी रंजिश के चलते बिना पूर्व सूचना, नाप-जोख और उच्च अधिकारियों की मौजूदगी के बुलडोजर लगवाकर पुराने खड़ंजे को तुड़वा दिया, जिससे बस्ती का आवागमन बाधित हो गया। ग्रामीणों ने कहा कि उक्त चकरोड पूर्व प्रधान द्वारा सरकारी धन से बनवाया गया था और अन्य स्थानों पर भी अतिक्रमण होने के बावजूद केवल एक व्यक्ति को निशाना बनाया गया।
पूर्व प्रधान विनोद पांडेय, रीना राजभर, भाजपा के पूर्व महामंत्री अनिल तिवारी सहित ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालयीय आदेश के अनुपालन में की गई ।



