महिलाओं की रही विशेष भागीदारी, देर शाम तक चलता रहा स्नान-पूजन
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। कैथी स्थित गंगा-गोमती संगम तट पर अवस्थित मार्कंडेय महादेव धाम में महाशिवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर से प्रारंभ स्नान और पूजन का क्रम देर शाम तक जारी रहा, जिसमें लगभग दो लाख भक्तों ने बाबा के दरबार में मत्था टेककर जलाभिषेक किया। मेले में महिलाओं की संख्या विशेष रूप से अधिक रही।
श्रद्धालुओं ने ‘श्रीराम’ लिखे बिल्वपत्र, धतूरा, चंदन और भांग अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का पूजन किया। भन्दहा कला और राजवारी तक मेले का वातावरण दिखाई देता रहा। रविवार रात से ही दूर-दराज से पहुंची महिलाओं ने धर्मशालाओं और रैन बसेरों को भर दिया, जहां देर रात तक पारंपरिक विवाह व मंगल गीत गूंजते रहे। टोलियों में पहुंची महिलाओं ने मार्कंडेय महादेव और माता पार्वती का विधिवत पूजन किया।
मेले में गृहस्थी के पारंपरिक सामान—गोड़़ा, पाटी, मचिया, सील-लोढ़ा, ओखली, नार-मोट और अचार मसाला—की खूब खरीदारी हुई। हालांकि इस बार झूला, चरखी, जादू और सर्कस की अनुमति अंतिम समय में न मिलने से बच्चों में निराशा रही।
सुरक्षा व्यवस्था पूर्ववत मुस्तैद रही। थाना अध्यक्ष इन्द्रेश कुमार स्वयं व्यवस्था की निगरानी में लगे रहे, जबकि महिला पुलिस कर्मियों ने गर्भगृह में दर्शन को सुव्यवस्थित बनाए रखा और मनचलों पर विशेष नजर रखी गई।




