तीन माह से अधूरी पड़ी सड़क, आंदोलन और आमरण अनशन की चेतावनी
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। कादीपुर-राजवारी वाया धौरहरा मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा करीब तीन माह पूर्व सड़क को खोदवाने के बाद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैली गिट्टियों और उखड़े मार्ग के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के चलते दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर गिर रहे हैं और कई लोग घायल भी हो चुके हैं। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मामले को लेकर कांग्रेस नेता एवं शिवपुर विधानसभा प्रभारी अशोक कुमार सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है।
अशोक कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों, भाजपा नेताओं और ठेकेदारों की मिलीभगत तथा कमीशनखोरी के कारण सड़क निर्माण कार्य जानबूझकर बाधित किया गया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा वीलो टेंडर डाले जाने के बाद कथित रूप से कमीशन न मिलने के चलते निर्माण कार्य रुकवा दिया गया।
उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों की जान जोखिम में पड़ गई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। कांग्रेस नेता ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर 10 मई 2026 को महा हस्ताक्षर एवं जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके अगले दिन 11 मई 2026 को जिलाधिकारी वाराणसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं कराया गया तो ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के पोर्टिको में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा, जो सड़क निर्माण शुरू होने तक जारी रहेगा।




