हिंदू पक्ष ने परिसर पर अपना दावा दोहराया, मुस्लिम पक्ष ने भी कहा— समाधान केवल न्यायालय से; लोक अदालत के प्रस्ताव पर नहीं बनी सहमति
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7 NEWS, वाराणसी। ज्ञानवापी विवाद के समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट की पहल पर जिला एवं सत्र न्यायालय, वाराणसी में मंगलवार को आयोजित मध्यस्थता की पहली बैठक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। कचहरी स्थित मनोरंजन कक्ष में हुई बैठक में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने मध्यस्थता के प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई, जिससे वार्ता प्रारंभिक चरण में ही विफल हो गई।
बैठक के दौरान हिंदू पक्ष ने स्पष्ट कहा कि ज्ञानवापी परिसर पर उनका दावा है और इस मामले में किसी प्रकार की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है। वहीं मुस्लिम पक्ष ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विवाद का समाधान केवल न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है और वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
बैठक से पहले अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के सचिव एस.एम. यासीन एवं मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ताओं ने कहा कि वे शांतिपूर्ण समाधान के पक्षधर हैं, लेकिन ज्ञानवापी जैसा संवेदनशील मामला, जिसमें मालिकाना हक तथा पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991 से जुड़े संवैधानिक प्रश्न शामिल हैं, उसका निस्तारण लोक अदालत या मध्यस्थता के माध्यम से नहीं किया जा सकता।
दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर अडिग रहने के कारण मध्यस्थता की पहली पहल सफल नहीं हो सकी। ऐसे में अब इस बहुचर्चित विवाद की सुनवाई आगे भी न्यायालय में ही जारी रहने की संभावना है।




