सरस्वती पूजन, पौधारोपण और संस्थापक सचिव को श्रद्धांजलि; प्राचार्य ने विद्यार्थियों से समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील
रिपोर्ट आनंद रत्न उपाध्याय
गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत शोध ग्रंथालय में ज्ञान की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं आरती से हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ आयोजित किया गया, जिसमें महाविद्यालय परिवार ने नए सत्र की सफलता और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध ग्रंथालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके उपरांत महाविद्यालय के संस्थापक सचिव एवं प्रबंधक स्वर्गीय बाबू राजेश्वर प्रसाद सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उनके शैक्षणिक योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।
अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. डॉ. राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति महाविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बाबू राजेश्वर प्रसाद सिंह के आदर्श और योगदान संस्थान के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के कला, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि, अध्यापक शिक्षा एवं शारीरिक शिक्षा संकायों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है। विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशालाएं, छात्र एवं विभागीय पुस्तकालय, कम्प्यूटरीकृत केंद्रीय शोध ग्रंथालय, ऑनलाइन पुस्तकालय, वाई-फाई परिसर, जिम्नेजियम, इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही रोवर्स-रेंजर्स, एनसीसी और एनएसएस जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दिया जाता है।
प्राचार्य ने बताया कि विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश संबंधी तिथि, समय एवं अन्य जानकारी महाविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से समर्थ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की अपील की।
इस अवसर पर प्रो. वीरेंद्र कुमार सिंह, प्रो. रविशंकर सिंह, प्रो. विनय कुमार दूबे, प्रो. सुजीत कुमार सिंह, प्रो. संजय चतुर्वेदी, डॉ. इन्दीवर पाठक, डॉ. शैलेन्द्र सिंह, डॉ. अविनाश चन्द्र राय, संजय श्रीवास्तव, विवेक सिंह ‘सम्मी’, विजय सिंह, अरुण कुमार सिंह, अमितेश सिंह, ममता मिश्र सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







