जेएचवी मॉल में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई, कारोबारी की शिकायत पर बिछाया गया था जाल; भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वाराणसी की भ्रष्टाचार निवारण संगठन (विजिलेंस) इकाई ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक अब्दुल रहमान अंसारी को ₹20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी जेएचवी मॉल परिसर में की गई, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मामले में साड़ी व्यवसायी शाह मोहम्मद शारिक ने विजिलेंस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी वर्ष 2013 से उन्हें विभिन्न मुकदमों और गुंडा एक्ट में फंसाने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल करता रहा। कारोबारी का कहना है कि पारिवारिक एवं व्यावसायिक विवादों के चलते दर्ज पुराने मामलों का आरोपी ने वर्षों तक अनुचित लाभ उठाया।
पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने डर और दबाव बनाकर पिछले लगभग 13 वर्षों में करीब 7 से 8 लाख रुपये नकद वसूले। इसके अलावा कई बार उनकी फैक्ट्री से 25 से 30 महंगी साड़ियां बिना भुगतान के ले गया। कारोबारी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ऑनलाइन शॉपिंग के बारकोड भेजकर भी उनसे भुगतान करवाता था।
शिकायत के मुताबिक, हाल ही में आरोपी ने गुंडा एक्ट में कार्रवाई से बचाने के नाम पर ₹5 लाख की मांग की थी। साथ ही सेवानिवृत्ति का हवाला देकर एक कार उपलब्ध कराने का भी दबाव बनाया जा रहा था। लगातार हो रही कथित वसूली और प्रताड़ना से परेशान होकर कारोबारी ने विजिलेंस टीम से संपर्क किया।
विजिलेंस टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। तय योजना के अनुसार कारोबारी शनिवार को ₹20 हजार की टोकन राशि लेकर जेएचवी मॉल पहुंचा। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच भी जारी है।




