पर्यावरण संरक्षण पर रखे नीतिगत सुझाव, संयुक्त पौधारोपण कर लिया हरित भारत का संकल्प
रिपोर्ट विवेक राय
रामनगर (वाराणसी)। काशी के युवा पर्यावरण कार्यकर्ता शुभम सिंह ने नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) में आयोजित राष्ट्रीय ‘वृक्ष मित्र संवाद’ कार्यक्रम में पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करते हुए पर्यावरण संरक्षण और कृषि-पारिस्थितिकी से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। यह अवसर उन्हें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आधिकारिक आमंत्रण पर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के दौरान शुभम सिंह ने पूर्वांचल में लगातार गिर रहे भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने पानी का अत्यधिक दोहन करने वाले विदेशी वृक्ष यूकेलिप्टस (सफेदा) के स्थान पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल शीशम जैसे पारंपरिक एवं उपयोगी वृक्षों के रोपण को बढ़ावा देने की वकालत की।
उन्होंने सरकारी स्तर पर लगाए जाने वाले पौधों की निगरानी और संरक्षण के लिए डिजिटल जियो-टैगिंग प्रणाली लागू करने तथा पौधों की नियमित देखभाल करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष नीति बनाए जाने का सुझाव भी दिया।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुभम सिंह के साथ संयुक्त रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान मंत्री ने शुभम सिंह के स्वर्गीय पिता वीरेंद्र सिंह के संस्कारों और उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शुभम सिंह द्वारा प्रस्तुत सुझावों की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन विषयों पर मंत्रालय स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने निकट भविष्य में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के लिए शुभम सिंह को पुनः मंत्रालय में आमंत्रित करने का भी आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के उपरांत आयोजित सहभोज के दौरान केंद्रीय मंत्री ने शुभम सिंह से आत्मीय मुलाकात कर उनके प्रयासों की प्रशंसा की और इसे काशी की सकारात्मक सोच एवं युवा शक्ति का प्रतीक बताया।
नई दिल्ली से लौटने पर रामनगर में शुभम सिंह का स्थानीय नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर शुभम सिंह ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि काशी की पावन धरती और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे प्रत्येक युवा के सामूहिक प्रयासों की पहचान है। उन्होंने कहा कि काशी के युवाओं में देश की दिशा और दशा बदलने की क्षमता है तथा वे पर्यावरण संरक्षण के अभियान को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे।





