अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा— छोटे मामलों का समयबद्ध समाधान करें, ताकि महिलाओं को न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें
रिपोर्ट: विवेक राय
वाराणसी। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान एवं आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को सर्किट हाउस सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना तथा पीड़ित महिलाओं को त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय उपलब्ध कराना रहा।
जनसुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष कुल 44 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें एक मामले का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद, घरेलू हिंसा एवं पारिवारिक विवादों से संबंधित थीं। अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने प्राप्त प्रार्थना-पत्रों को संबंधित विभागों को भेजते हुए आवश्यक एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ लेते हुए नियमानुसार शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से छोटे-छोटे मामलों की निष्पक्ष जांच कर समय पर समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया, ताकि पीड़ितों को अनावश्यक रूप से न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जवाबदेही आवश्यक है, जिससे प्रत्येक पीड़िता को समय पर न्याय मिल सके।
जनसुनवाई कार्यक्रम में अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध), जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर की संरक्षण अधिकारी रश्मि दुबे, जिला बाल संरक्षण इकाई की निरुपमा सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोग ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में तत्परता, संवेदनशीलता एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




