कहा— सनातन आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं, पहलगाम, पुलवामा और संसद हमले पर भी बोलने का साहस दिखाएं
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। संसद परिसर में कथित रूप से भगवान राम और राम मंदिर को लेकर किए गए प्रदर्शन पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं जिला सहकारी फेडरेशन के चेयरमैन राकेश सिंह ‘अलगू’ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों सनातनियों की आस्था का उपहास उड़ाने वाली राजनीति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
अलगू सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों के आराध्य हैं, कोई राजनीतिक विषय नहीं। सत्ता और चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन धार्मिक आस्था का मजाक बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास समाज में असंतोष पैदा करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी और प्रदर्शन करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में किसी पुजारी, साधु या संत की संलिप्तता सामने नहीं आई थी, बल्कि यह मामला कर्मचारियों से जुड़ा था। ऐसे में इस घटना को आधार बनाकर पूरे मंदिर और सनातन पर सवाल उठाना अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण है।
भाजपा नेता ने कहा कि सनातन संस्कृति का विरोध करने वालों को पहले देश की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भी अपनी राय स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी में साहस है तो वह पहलगाम, पुलवामा, उरी और संसद हमले जैसे राष्ट्रीय विषयों पर भी उसी तरह मुखर होकर अपनी बात रखे।
अलगू सिंह ने कहा कि देश और धर्म के सम्मान से जुड़े विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने तथा समाज में सौहार्द बनाए रखने की अपील की।




