पर्यावरण ऋषि अनिल कुमार सिंह की अगुवाई में हुआ वृहद पौधारोपण, आम व पुष्पदार पौधों को ट्री गार्ड लगाकर संरक्षण का लिया संकल्प
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। शिक्षक दिवस के अवसर पर गुरुजनों के सम्मान को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के आईआईटी छात्रावास के सामने सड़क किनारे वृहद पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार सक्रिय पर्यावरण ऋषि अनिल कुमार सिंह की अगुवाई में हुए अभियान में गुरुजनों के नाम पर आम सहित विभिन्न प्रजातियों के पुष्पदार पौधे लगाए गए। पौधों की सुरक्षा के लिए उनके चारों ओर ट्री गार्ड भी लगाए गए।
अभियान में वरिष्ठ उद्यान अधिकारी अश्वनी कुमार देशवाल ने सहभागिता करते हुए पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में संत प्रकाशानंद की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने गुरुजनों के सम्मान में पौधारोपण की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु अपने ज्ञान से जीवन को दिशा देते हैं, वहीं वृक्ष फल, फूल, छाया और प्राणवायु देकर जीवन को आधार प्रदान करते हैं। ऐसे में गुरुजनों के नाम पर पौधारोपण सम्मान की सार्थक अभिव्यक्ति है।
पौधारोपण अभियान में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर गुरुजनों के सम्मान में पौधे लगाना उन्हें प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराने वाली पहल है।
इस अवसर पर पत्रकार रिंकू श्रीवास्तव की माता जी ने भी पौधारोपण कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उन्होंने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पौधा लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की नींव रखने का संकल्प भी है।
पर्यावरण ऋषि अनिल कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल गुरुजनों को शुभकामनाएं देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का दिन भी है। इसी भावना के तहत गुरुजनों के सम्मान को पर्यावरण सेवा से जोड़ते हुए पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया।
उन्होंने कहा कि गुरु जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और वृक्ष धरती पर जीवन का आधार मजबूत करते हैं। इसलिए गुरुजनों के नाम पर लगाए गए पौधों को जीवंत स्मृति के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। आज लगाए गए पौधे जब भविष्य में वृक्ष बनेंगे और उनकी छाया में विद्यार्थी बैठेंगे, राहगीर विश्राम करेंगे तथा उनके फूल-फल लोगों के काम आएंगे, तब शिक्षक दिवस की यह पहल और अधिक सार्थक होगी।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक अनेक विद्यार्थियों का भविष्य संवारता है, जबकि एक वृक्ष आने वाली पीढ़ियों के जीवन को समृद्ध करता है। पौधारोपण के साथ ट्री गार्ड लगाने का उद्देश्य अभियान को केवल पौधे लगाने तक सीमित न रखना, बल्कि उनके संरक्षण की जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है।
अनिल कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और आम लोगों से अपील की कि प्रत्येक शुभ अवसर को पौधारोपण से जोड़ें और लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करें। उन्होंने कहा कि गुरुजनों के नाम पर लगाए गए ये पौधे ज्ञान, संस्कार, सेवा और प्रकृति संरक्षण के प्रतीक बनेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, पौधों की नियमित देखभाल तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। शिक्षक दिवस पर आयोजित इस अभियान ने गुरु सम्मान और प्रकृति संरक्षण को एक साथ जोड़ते हुए समाज को सकारात्मक एवं प्रेरणादायी संदेश दिया।




