विश्व साक्षरता दिवस पर लोक चेतना समिति ने चलाया जागरूकता अभियान, युवाओं व किशोरियों की शिक्षा पर दिया जोर
रिपोर्ट : विवेक राय
वाराणसी (बरियासनपुर)। विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर लोक चेतना समिति, चिराइगांव के तत्वावधान में बरियासनपुर में शिक्षा, साक्षरता और संविधान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों युवाओं ने भाग लेकर शिक्षा के प्रसार और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और वंचित समुदायों को शिक्षा से जोड़ने के साथ प्रत्येक व्यक्ति को पढ़ने-लिखने के अवसर उपलब्ध कराने के प्रति जागरूक करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि साक्षरता महज अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है। शिक्षित व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ता है।
कार्यक्रम में रविकांत, संतोष और सुरेश ने कहा कि शिक्षित एवं जागरूक समाज ही सामाजिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव तैयार कर सकता है। उन्होंने बच्चों की नियमित शिक्षा सुनिश्चित करने, बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा विद्यालय छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वयस्कों को साक्षर बनाने के लिए भी सामूहिक प्रयास किए जाने का आह्वान किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों को संविधान की मूल प्रस्तावना का वाचन कराकर संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का संकल्प दिलाया गया।
वक्ताओं ने किशोरियों और महिलाओं की शिक्षा को समाज के विकास से जोड़ते हुए कहा कि एक महिला के शिक्षित होने का सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा अधिकारों से वंचित लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए निरंतर अभियान चलाने की जरूरत बताई गई।
बरियासनपुर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व, जिम्मेदार नागरिक बनने और संविधान के मूल्यों को समझने के लिए प्रेरित किया।
‘हर व्यक्ति साक्षर, हर बच्चा शिक्षित’ का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंने “हर व्यक्ति साक्षर, हर बच्चा शिक्षित और हर परिवार जागरूक” के संदेश के साथ समाज में शिक्षा की अलख जगाने तथा संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।




