आशा लाइब्रेरी में विज्ञान आधारित गतिविधियों का आयोजन, बच्चों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए किया प्रेरित
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर आशा लाइब्रेरी, भंदहा कला, कैथी में विज्ञान चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों को विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों के प्रयोग के साथ-साथ दैनिक जीवन में विज्ञान की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में संदर्भ व्यक्ति के रूप में डॉ. शशि भूषण सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के भीतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना बेहद जरूरी है। वैज्ञानिक सोच ही जिज्ञासा, तर्क और प्रयोग की भावना को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़कर भविष्य के बेहतर वैज्ञानिक तैयार किए जा सकते हैं।
डॉ. सिंह ने किशोरावस्था की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की विज्ञान आधारित कार्यशालाओं का नियमित आयोजन होना चाहिए। इससे बच्चों में सीखने की रुचि के साथ-साथ प्रयोग और अनुसंधान की प्रवृत्ति भी विकसित होगी।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को लेंस, पेंडुलम, प्रिज्म, कैलीपर्स, चुम्बक, टेलीस्कोप, ट्यूनिंग फोर्क और माइक्रोस्कोप सहित विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों ने उपकरणों के प्रयोग को समझने के साथ विज्ञान से जुड़े सवाल भी पूछे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सौरभ चंद्र, प्रदीप सिंह और नेहा सहित अन्य लोगों की विशेष भूमिका रही। उपस्थित बच्चों ने विज्ञान आधारित गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।




