पिंडरा में कामकाजी महिलाओं के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां, मिशन शक्ति और महिला पुलिस बल को बताया सुरक्षा का मजबूत आधार
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने एक दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान बाबतपुर-पिंडरा स्थित आशा एजुकेशन ग्रुप परिसर में आयोजित कामकाजी महिला सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, रसोइयों, सफाई मित्रों और आशा वर्करों को सम्मानित किया गया। महिलाओं की बड़ी उपस्थिति के बीच आयोजित समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माताओं और बहनों की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी ताकत है। आधी आबादी को सम्मान देने और उनके योगदान को पहचान दिलाने के लिए इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन को लेकर लगातार काम कर रही है।
बेटियों की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को मजबूत आधार मिला है। उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश पुलिस में करीब 10 हजार महिलाएं थीं, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर लगभग 45 हजार हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में पीएसी की तीन महिला बटालियन गठित की गई हैं। इन बटालियनों का नाम वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी, वीरांगना ऊदा देवी और वीरांगना झलकारी बाई के नाम पर रखा गया है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश में हुए महत्वपूर्ण बदलाव का उदाहरण बताया।
बेटियों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम में जाने के अलावा कोई तीसरा रास्ता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही महिलाओं और बेटियों के प्रति अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
समारोह के दौरान महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर आधारित फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद कामकाजी महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने काशी के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि वाराणसी में लगभग एक लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि काशी अपनी आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी की इस पहचान को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों तथा कामकाजी महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम की सराहना की।
पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। उन्होंने पिंडरा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया।
समारोह में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, सदस्य विधान परिषद धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक त्रिभुवन राम, विधायक डॉ. सुनील पटेल, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव और देवाधिदेव महादेव काशी विश्वनाथ मंदिर में पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह कामकाजी महिला सम्मान समारोह में पहुंचे, जहां मंच पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं ने तालियों की गड़गड़ाहट और गुलाब की पंखुड़ियों से उनका स्वागत किया।




