एडीसीपी वरुणा लिपि नागयाच ने एमबीए छात्रों से किया सीधा संवाद, सवालों के दिए विस्तार से जवाब
रिपोर्ट : विवेक राय
वाराणसी। राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (आरएसएमटी) में गुरुवार को समृद्ध शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एडीसीपी वरुणा लिपि नागयाच (आईपीएस) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने पूज्य राजर्षि जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय “सफल कैरियर विकास के लिए एमबीए छात्रों के लिए संचार, नेतृत्व और निर्णय लेने की भूमिका” रहा। इस दौरान छात्रों को करियर निर्माण में प्रभावी संवाद, नेतृत्व क्षमता और सही समय पर निर्णय लेने के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में प्रो. संजय सिंह ने मुख्य अतिथि लिपि नागयाच का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने स्वागत उद्बोधन में कार्यक्रम की विषयवस्तु और विद्यार्थियों के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। छात्र नेता विवेकानंद सिंह ने भी मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि लिपि नागयाच ने एमबीए के विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने छात्रों की जिज्ञासाओं और प्रश्नों को ध्यानपूर्वक सुना तथा उनके सवालों के विस्तार से जवाब दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने करियर में अनुशासन, सकारात्मक सोच, बेहतर संचार कौशल और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रो. संजय सिंह के साथ छात्रसंघ प्रतिनिधि अध्यक्ष सुधीर सिंह, उपाध्यक्ष प्रतीक सिंह एवं पूर्व महामंत्री शिवम सिंह बाबू ने संयुक्त रूप से मुख्य अतिथि लिपि नागयाच को स्मृति चिह्न एवं पारंपरिक शाल भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का समापन कंप्यूटर विभाग के प्रोफेसर संजय सिंह के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, वक्ताओं, गणमान्य अतिथियों तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आरएसएमटी के प्रबंधन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. गरिमा आनंद ने इस शैक्षणिक सत्र के आयोजन का समन्वय किया। कार्यक्रम में संस्थान के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही।




