‘बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम’ और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के बीच दो वर्ष का समझौता, जागरूकता व रोकथाम अभियान को मिलेगा विस्तार
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
नई दिल्ली। नशे की बढ़ती समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाने और नशा मुक्ति के प्रयासों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) के ‘बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम’ और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MSJE) के बीच नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के तहत दो वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) किया गया है।
DJJS गोरखपुर, उत्तर प्रदेश के संयोजक स्वामी अर्जुनानंद जी ने बताया कि यह साझेदारी देश में नशे की रोकथाम, जन-जागरूकता और नशा मुक्ति के प्रयासों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि ‘बोध’ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं समेत समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा और नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर जोर रहेगा।
समझौते के अवसर पर साध्वी शिताभा भारती, ग्लोबल कोऑर्डिनेटर, बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम, DJJS के साथ गौरव गुप्ता एवं गौरव सगर ने संस्थान का प्रतिनिधित्व किया।
समझौता ज्ञापन पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से सुधांश पंत, IAS, सचिव, आस्तिक कुमार पांडेय, IAS, निदेशक तथा डॉ. संदीप आर. राठौड़, संयुक्त सचिव, ड्रग प्रिवेंशन एंड प्लानिंग डिवीजन की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
इस साझेदारी के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को अधिक प्रभावी बनाने, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने और उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही सरकारी योजनाओं और सामाजिक संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत कर नशा मुक्त भारत अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
इस अवसर पर पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य अश्वनी शर्मा (अखंड भारत मिशन) ने कहा कि यह समझौता नशा मुक्ति के क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सरकार, सामाजिक संस्थाओं और आमजन के सामूहिक प्रयासों से नशे के विरुद्ध जागरूकता को व्यापक बनाया जा सकता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाकर उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और सकारात्मक भविष्य की ओर ले जाना इस अभियान की महत्वपूर्ण प्राथमिकता होनी चाहिए।
दो वर्ष की यह साझेदारी नशे की रोकथाम और जन-जागरूकता के प्रयासों को गति देने के साथ स्वस्थ, सशक्त और नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।




