मृतक के स्वजन ने लगाए हत्या की साजिश और आरोपितों को संरक्षण देने के आरोप, विधायक ने निष्पक्ष जांच के लिए डीजीपी से शिकायत की बात कही
रिपोर्ट : अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के रामदयालगंज बाजार में हुई विशाल यादव की हत्या का मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पहुंच गया है। मृतक के स्वजन की ओर से मल्हनी विधायक लकी यादव पर हत्या की साजिश में भूमिका निभाने और आरोपितों को कथित संरक्षण देने के आरोप लगाए गए हैं। स्वजन के बयान का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह रामदयालगंज बाजार में पुरानी रंजिश को लेकर विशाल यादव पर कुछ लोगों ने लोहे की सरिया से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल विशाल को उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन करते हुए जाम लगाया था।
पुलिस ने मामले में नामजद आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, नामजद आरोपितों में नीरज यादव पुत्र महेंद्र यादव निवासी गहोरा, थाना लाइन बाजार तथा मनीष यादव पुत्र उदय प्रताप यादव उर्फ लल्लन निवासी चांदपुर, थाना लाइन बाजार शामिल हैं। पुलिस वारदात के कारणों के साथ ही आरोपितों की भूमिका और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
हत्या के बाद मृतक की मां और भाई ने मल्हनी विधायक लकी यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्वजन का आरोप है कि हत्या की साजिश में विधायक की भूमिका रही और आरोपितों को कथित तौर पर उनका संरक्षण मिला। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इंटरनेट मीडिया पर बयान का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया।
मल्हनी विधायक लकी यादव ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक विरोधियों की साजिश बताते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विधायक ने कहा कि वह पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मांग करेंगे, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता चल सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
आरोपितों के साथ तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के संबंध में विधायक ने कहा कि राजनीतिक जीवन में अनेक लोगों के साथ तस्वीरें होना सामान्य बात है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के साथ तस्वीर होने मात्र से उसे संरक्षण देने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
विधायक ने उन चर्चाओं को भी गलत बताया, जिनमें आरोपितों की गिरफ्तारी उनके आवास से होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने इसे अफवाह करार देते हुए कहा कि इस तरह की बातों के जरिए मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। हत्या की वास्तविक वजह, नामजद आरोपितों की भूमिका और मृतक के स्वजन द्वारा लगाए गए राजनीतिक संरक्षण संबंधी आरोपों की सच्चाई जांच के निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी। मामले को लेकर पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ जिले के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।





