सामने घाट पर चलाया सफाई अभियान, नागरिकों को दिलाया स्वच्छता का संकल्प
रिपोर्ट: विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। बाढ़ के बाद गंगा घाटों पर जमा मलबे और गंदगी को हटाकर स्वच्छता बहाल करने के उद्देश्य से नमामि गंगे के स्वयंसेवक लगातार अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को गंगा सेवक राजेश शुक्ला के संयोजन में काशी के 85वें पक्के घाट सामने घाट पर सफाई अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने घाट परिसर और गंगा तट की सफाई कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। अभियान के माध्यम से ‘आओ मिलकर हाथ बढ़ाएं, बाढ़ के बाद गंगा को फिर स्वच्छ बनाएं’ का संदेश दिया गया।
‘चलो साफ करें अपनी गंगा, बाढ़ के बाद स्वच्छता के साथ’ अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने घाट पर फैले मलबे, निर्माल्य और अन्य गंदगी को एकत्र किया। सफाई अभियान में उपस्थित नागरिकों ने भी सहभागिता की और गंगा तट को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया। एकत्रित कचरे और पूजन सामग्री को नगर निगम को सौंप दिया गया, ताकि उसका उचित निस्तारण किया जा सके।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा की स्वच्छता केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों के साथ आम नागरिक भी स्वच्छता अभियान में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। मां गंगा भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक आस्था की सनातन धारा हैं। गंगा का महत्व अतुलनीय है और उनका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ के बाद गंगा घाटों की सफाई और स्वच्छता बनाए रखना विशेष रूप से आवश्यक है। गंगा तट को साफ रखने से न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बेहतर होता है, बल्कि गंदगी से फैलने वाली बीमारियों से बचाव में भी मदद मिलती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे गंगा में कचरा न डालें और घाटों को स्वच्छ रखने में सक्रिय सहयोग करें।
सामने घाट पर आयोजित स्वच्छता अभियान में सुभाष श्रीवास्तव, विनोद कुमार सिंह, लल्लन सिंह, केदारनाथ त्रिपाठी, राम सिंह, महेंद्र तिवारी और रमेश श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। स्वयंसेवकों ने सामूहिक प्रयासों से गंगा तट की स्वच्छता बनाए रखने और आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।




