महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और आपातकालीन हेल्पलाइन की दी गई जानकारी; जागरूकता रैली निकालकर दिया नारी सम्मान का संदेश
रिपोर्ट: विवेक राय
वाराणसी। मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण के प्रथम दिन सोमवार को लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र के छोटा लालपुर स्थित एसपीएलसी माध्यमिक विद्यालय में लालपुर पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, आपातकालीन सहायता और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अभियान के माध्यम से बच्चों को महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव रखने, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक होने और जरूरत पड़ने पर पुलिस एवं संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा और सहायता के लिए संचालित प्रमुख हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 शामिल हैं। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, परेशानी या आपात स्थिति में इन नंबरों का उपयोग कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही पोस्टर और चार्ट निर्माण जैसी गतिविधियों के माध्यम से हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता समझाई गई, ताकि बच्चे स्वयं जागरूक होने के साथ दूसरों को भी जागरूक कर सकें।
अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली में छात्र-छात्राओं ने ‘नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, यही है मिशन शक्ति अभियान’, ‘नारी शक्ति का करो सम्मान, यही है भारत की पहचान’ और ‘देश को आगे बढ़ाना है, तो नारी को सशक्त बनाना है’ जैसे नारों के माध्यम से महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण का संदेश दिया। पोस्टर, चार्ट, संवाद और नाट्य प्रस्तुतियों जैसी गतिविधियों के जरिए महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम प्रभारी उपनिरीक्षक आकांक्षा मिश्रा के नेतृत्व में महिला कांस्टेबल रीमा, महिला कांस्टेबल मोनिका तिवारी और महिला कांस्टेबल अनीता ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना, उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी देना और किसी भी आपात परिस्थिति में बिना देर किए सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना रहा।




