विशेष अभियान 6.0 के तहत विद्यार्थियों को बताए इलेक्ट्रॉनिक कचरे के दुष्प्रभाव, सुरक्षित निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण के तरीके
रिपोर्ट: विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत बुधवार, 28 अक्टूबर को चोलापुर विकासखंड के चौबेपुर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम अजांव के आरसीयूएसवीएम स्कूल में ई-कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे से होने वाले नुकसान, उसके सुरक्षित निस्तारण और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के उपायों की जानकारी दी। इस दौरान सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “ई-कचरे का सही प्रबंधन आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैटरी और चार्जर जैसे खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कूड़े में फेंकने से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। हमें इनका सुरक्षित निस्तारण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।” उन्होंने बच्चों से स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी ई-कचरे के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद हानिकारक तत्व मिट्टी और जल को प्रदूषित कर सकते हैं। इसलिए खराब मोबाइल, कंप्यूटर, बैटरी, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान को अधिकृत ई-कचरा संग्रह केंद्रों या रिसाइक्लर के माध्यम से ही निस्तारित करना चाहिए। बच्चों को प्रश्नोत्तरी और जागरूकता गतिविधियों के जरिए भी ई-कचरे के सुरक्षित प्रबंधन की जानकारी दी गई।
विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। विशेष अभियान 6.0 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना तथा ई-कचरे के वैज्ञानिक और सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।




