191.5 किलोमीटर लंबी परियोजनाओं से मजबूत होगी कनेक्टिविटी, यूपी में चल रहे हैं 5 लाख करोड़ के हाईवे कार्य; जल्द ऊर्जा निर्यातक बनेगा प्रदेश
रिपोर्ट: अभिषेक उपाध्याय / विवेक राय
जौनपुर/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और यातायात सुविधाओं के विस्तार की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जौनपुर जिले के मुंगरा-बादशाहपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 3,650 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली आठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण, भूमिपूजन एवं कार्य शुभारंभ किया। लगभग 191.5 किलोमीटर लंबाई वाली इन परियोजनाओं से जौनपुर सहित आसपास के जिलों में आवागमन सुगम होने और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने 3,210 करोड़ रुपये की लागत से तैयार तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। इनमें 1,505 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 63 किलोमीटर लंबा रायबरेली-प्रयागराज फोरलेन मार्ग, 1,078 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 24 किलोमीटर लंबा जगतपुर-बाबूगंज-ऊंचाहार-आलापुर फोरलेन बाईपास एवं पुल तथा 627 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 49 किलोमीटर लंबा मछलीशहर-जंघई-भदोही मार्ग शामिल है।
क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये की पांच अन्य परियोजनाओं का भी कार्य शुभारंभ एवं भूमिपूजन किया गया। इनमें 198 करोड़ रुपये की लागत से चार किलोमीटर लंबा मुंगरा-बादशाहपुर बाईपास, 128 करोड़ रुपये की लागत से जौनपुर शहर के कुत्तूपुर तिराहे से सराय ख्वाजा तक 12 किलोमीटर सड़क का फोरलेन चौड़ीकरण, 92 करोड़ रुपये की लागत से मड़ियाहूँ रेलवे क्रॉसिंग पर 1.5 किलोमीटर लंबा ओवरब्रिज, 33 करोड़ रुपये की लागत से लता मंगेशकर तिराहे से प्रसाद इंस्टीट्यूट तक पांच किलोमीटर फोरलेन मार्ग तथा रामदयाल गंज में सई नदी पर 16 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन के पुल का निर्माण शामिल है।
समारोह को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस समय लगभग पांच लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय राजमार्ग संबंधी कार्य चल रहे हैं। इनमें एक लाख करोड़ रुपये के कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि तीन लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रक्रिया में हैं। शेष परियोजनाओं पर भी काम जारी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए देश में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। पानी, बिजली, दूरसंचार और सड़क विकास के प्रमुख आधार हैं। इन चारों क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से उद्योगों को बढ़ावा मिलता है और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। उत्तर प्रदेश भी बेहतर सड़क नेटवर्क और बढ़ते औद्योगिक निवेश के माध्यम से विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि ऊर्जादाता और ईंधनदाता भी बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि चावल और गन्ने जैसे कृषि उत्पादों से बड़े पैमाने पर ऊर्जा और इथेनॉल का उत्पादन किया जा रहा है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो रहे हैं।
तकनीकी बदलावों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए गडकरी ने कहा कि दुनिया तेजी से इलेक्ट्रिक और सौर ऊर्जा की ओर बढ़ रही है। सरकार भी आधुनिक तकनीक और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश में सड़क, उद्योग और ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के परिणामस्वरूप आने वाले समय में प्रदेश ऊर्जा आयात करने के बजाय ऊर्जा निर्यात करने वाला राज्य बन सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क, आधुनिक परिवहन सुविधाएं और वैकल्पिक ऊर्जा का विस्तार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय आवागमन के साथ व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।




