श्रृंगी ऋषि के आशीर्वाद से दशरथ को मिले चार पुत्र
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। स्थानीय बाजार स्थित रामलीला मैदान में मंगलवार रात राम जन्म का दिव्य मंचन किया गया। जैसे ही मंच पर भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य आया, पूरा मैदान “बधाई हो राम लला जन्मे” के जयघोष से गूंज उठा। किन्नरों ने सोहर और मंगल गीत गाकर माहौल को और भक्तिमय बना दिया।
रामलीला के दूसरे दिन देवताओं द्वारा क्षीर सागर में जाकर भगवान विष्णु से अवतार लेने की प्रार्थना, राजा दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ, और चारों राजकुमारों—राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न—के जन्म की झलकियां दिखाई गईं। इसके साथ ही सुबाहु और मारीच द्वारा विश्वामित्र का यज्ञ भंग करने जैसे प्रसंग भी मंचित किए गए।
विष्णु क्लब के मंच पर भी राम जन्म महोत्सव का मनमोहक मंचन हुआ। लीला में श्रृंगी ऋषि के आशीर्वाद और दशरथ की तीनों रानियों—कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा—के आशीष से राम सहित चारों भाइयों का जन्म होते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
इस अवसर पर रामलीला समिति के संरक्षक कालका प्रसाद, अध्यक्ष श्याम मोहन गुप्ता, एडवोकेट अवनीश चंद्र बरनवाल, प्रदीप सेठ, धर्मवीर गुप्ता, अजय गुप्ता अकेला, राहुल सेठ, प्रिंस चौरसिया, सुरेंद्र गुप्ता, महेंद्र सेठ, प्रेमचंद सेठ, पिंटू, उमेश चंद्र सेठ, अमित उपाध्याय, संतोष जायसवाल, गणेशू सेठ, ओम प्रकाश सेठ व गुड्डू समेत भारी संख्या में लीला प्रेमी मौजूद रहे।





