रुस्तमपुर स्थित निजी अस्पताल का किया गया निरीक्षण, पंजीकरण न होने की बात आई सामने; पुलिस भी कर रही मामले की जांच
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। रुस्तमपुर स्थित एक निजी मैटरनिटी होम में प्रसव के बाद 22 वर्षीय प्रसूता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। गठित टीम ने मंगलवार को अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक तथ्य जुटाए और शीघ्र जांच रिपोर्ट सौंपने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, नेवादा गांव निवासी कंचन कुमारी (22) ने निजी अस्पताल में ऑपरेशन के माध्यम से जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। प्रसव के कुछ घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क जाम कर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
मृतका के पति मिथिलेश की तहरीर पर चौबेपुर थाना पुलिस ने अस्पताल संचालक सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस बीच सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि रुस्तमपुर स्थित अभय क्लिनिक मैटरनिटी होम उनके कार्यालय में पंजीकृत नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अपने-अपने स्तर पर मामले की गहन जांच में जुटे हुए हैं।




