5 नवंबर को प्रांतीय मेले के रूप में होगी देव दीपावली, गाय के गोबर से बने एक लाख दीप पर्यावरण का संदेश देंगे
1 से 4 नवंबर तक राजघाट पर गंगा महोत्सव, स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच
वाराणसी। देव दीपावली को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाने के लिए योगी सरकार ने तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। इस बार 5 नवंबर को प्रांतीय मेले के रूप में आयोजित होने वाली देव दीपावली पर काशी के घाटों को 10 लाख से अधिक दीपों से सजाया जाएगा। इनमें से करीब एक लाख दीप गाय के गोबर से बने होंगे, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनूठा संदेश देंगे।
गंगा के अर्धचंद्राकार घाट जब दीपों की सुनहरी आभा से नहाएंगे, तो काशी की छटा अद्भुत और अनुपम दिखाई देगी। इस दृश्य के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक काशी पहुंचेंगे।
संयुक्त निदेशक (पर्यटन) दिनेश कुमार ने बताया कि इस बार 10.10 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इनमें डिजाइनर दीप भी शामिल होंगे। घाटों और कुंडों की साफ-सफाई के साथ ही गंगा तट के ऐतिहासिक घाटों को फसाड लाइट और इलेक्ट्रिक लाइट से जगमगाया जाएगा।
देव दीपावली से पहले 1 से 4 नवंबर तक राजघाट पर भव्य गंगा महोत्सव आयोजित होगा। इसमें स्थानीय कलाकारों को विशेष स्थान मिलेगा। चेत सिंह घाट पर लेजर शो के जरिए काशी से जुड़ी धार्मिक कथाओं का मंचन होगा। वहीं गंगा पार रेत पर पर्यावरण हितैषी ग्रीन आतिशबाजी से आसमान सजेगा।
देव दीपावली की अनोखी झलक देखने के लिए हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में मेहमान काशी आएंगे। इसके चलते शहर के होटल, गेस्ट हाउस, क्रूज़ और नावें पहले से ही बुक होनी शुरू हो गई हैं। काशी का यह महापर्व न केवल आस्था का, बल्कि संस्कृति, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दुनिया तक पहुंचाएगा।




