स्वर्वेद महामंदिर धाम में श्वेत ध्वजारोहण के साथ अध्यात्म महोत्सव का शुभारंभ
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी (चौबेपुर)। स्वर्वेद महामंदिर धाम, उमरहा में बुधवार प्रातः 7 बजे ‘अ’ अंकित श्वेत ध्वज के ध्वजारोहण के साथ समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव, विहंगम योग के 102वें वार्षिकोत्सव तथा 25 हजार कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव जी महाराज और संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज के सान्निध्य में प्रारम्भ हुए इस महोत्सव में पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
प्रथम दिवस के प्रवचन में संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज ने कहा कि “सत्य पर दृढ़ विश्वास ही श्रद्धा है। श्रद्धावान साधक ही ज्ञान और शांति दोनों को प्राप्त करता है।” उन्होंने आंतरिक शांति को जीवन की सहजता का आधार बताते हुए भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
दोहपहर के कार्यक्रमों में स्वर्वेद दोहों की संगीतमयी प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनसे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। वहीं ब्रह्मविद्या विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की दीक्षा भी नए जिज्ञासुओं को प्रदान की गई। प्रातः काल योग प्रशिक्षकों द्वारा आयोजित आसन, प्राणायाम और ध्यान सत्र में हजारों साधकों ने भाग लिया।
महोत्सव परिसर में प्रतिदिन निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं, जिनमें आयुर्वेद, योग, पंचगव्य और होम्योपैथी के विशेषज्ञ सेवा दे रहे हैं। शाम के सांस्कृतिक सत्र में विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने लोकनृत्य व अन्य प्रस्तुतियों से वातावरण को उल्लासपूर्ण बनाया। भारतीय पारंपरिक व्यंजनों से सुसज्जित व्यंजनशाला भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
बुधवार को प्रातः 10 बजे से 25 हजार कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का वैदिक रीति से शुभारंभ होगा। ढाई घंटे चलने वाले इस महायज्ञ में लाखों श्रद्धालु मंत्रोच्चारण के बीच आहुतियाँ समर्पित करेंगे। सगुरु सदाफल देव आप्त वैदिक गुरुकुल के 101 बटुक यज्ञ मंत्रोच्चार में सहभागी होंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आश्रम द्वारा 30 सीएनजी ऑटो लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 500 विहंगम सुरक्षा बल, पुलिस, महिला पुलिस तथा अग्निशमन दल की तैनाती की गई है। आयोजन में देशभर से लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।




